
कुल्लू। जलोड़ी दर्रा की बहाली को लोनिवि आनी और बंजार मजदूरों तथा मशीनरी के साथ जुट गया है। हालांकि, वाहनों की आवाजाही के लिए चार दिन से बंद जलोड़ी दर्रा को दो सौ मुसाफिरों ने जान जोखिम में डालकर पैदल आर-पार किया है। इसमें अभी भी दो फुट से अधिक बर्फ होने पर यहां सफर करना खतरे से खाली नहीं है। 10281 फुट ऊंचे दर्रा तथा कड़ाके की ठंड होने से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि दर्रा को पैदल आर-पार करना कितना खतरनाक है। लोग घियागी से खनाग तथा खनाग से घियागी तक बस सेवा पकड़ने को 15 किलोमीटर का सफर कर रहे हैं। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए 20 से 25 किलोमीटर सफर करना पड़ रहा है। हालांकि, दर्रे पर पैदल आवाजाही न करने को जिला प्रशासन ने अलर्ट किया है। उधर, जलोड़ी दर्रा स्थित रेस्क्यू पोस्ट में तैनात पुलिस जवान भाग चंद ने बताया कि दर्रा पर अभी भी दो फुट से ज्यादा बर्फ है। लोग अपने जरूरी काम के चलते दर्रा पार कर जिला मुख्यालय पहुंच रहे हैं। चार दिन से करीब दो सौ लोगों ने दर्रा को क्रास किया है। जाड़े में दर्रा पर शीतलहर तथा कड़ाके की ठंड होने यहां खतरा बना रहता है। पोस्ट में तैनात जवान स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
